भारतीय शिक्षा
मनुष्य में जो संपूर्णता सुप्त रूप से विद्यमान है उसे प्रत्यक्ष करना ही शिक्षा का कार्य है। स्वामी विवेकानन्द                      There are no misfit Children, there are misfit schools, misfit test and studies and misfit examination. F.Burk                     शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आंतरिक शक्तियों को विकसित एवं अनुशासित करने का है। डॉ. राधा कृष्णन                      ज्ञान प्राप्ति का एक ही मार्ग है जिसका नाम है, एकाग्रता और शिक्षा का सार है मन को एकाग्र करना। श्री माँ

प्रेस वक्तव्य

सरस्वती बाल मन्दिर, जी ब्लाक, नारायणा विहार, नई दिल्ली-110028

011-25898023, 65794966, 9811126445,868100445

website: www.shikshabachaoandolan.org, bharatiyashikasha.com

Email:dina_nathbatra@hotmail.com, atulabvp@gmail.com

पत्रांक :-1  /2010 दिनांक :- 5.5.2010

प्रेस वक्तव्य

सम्बोधनकर्ता : अतुल कोठारी

(राष्ट्रीय, सहसंयोजक, शिक्षा बचाओ आन्दोलन

सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास)

दिनांक 8, 9 मई 2010 को शिक्षा बचाओ आन्दोलन तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय स्तर की एक बैठक भोपाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दीनानाथ बत्रा जी की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में देशभर के प्रतिनिधि सहभागी होंगे।

बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए जायेंगे

प्रस्ताव

ï     वेण्डी डोनिगर ”द हिन्दू एन आल्टरनेटिव हिस्ट्री” लिखित पुस्तक पर समग्र विश्व में प्रतिबंध लगें।

ï     देश के सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह भारतीय वेश में हो।

अमेरिकन लेखिका के विरूध्द में आन्दोलन :

अमेरिका के शिकागों विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका वेन्डी डोनिगर ने ”द हिन्दु- एन आल्टरनेटिव हिस्ट्री” नामक पुस्तक में उन्होंने  हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित किया है। यह पुस्तक तथ्यात्मक विकृतियों एवं झूठी कहानियों से भरा है। जिसकें कुछ अंश निम्नािšत हैं।

ï     पुस्तक के मुख पृष्ठ पर भगवान कृष्ण को नग्न स्त्रियों से घिरे एवं एक स्त्री के नितम्ब पर बैठै दिखाया है।

ï     हिन्दु धर्म के विचारों के केन्द्र में कामुकता है – पृष्ठ 15

ï     हिन्दुओं का कोई मूल धर्मग्रन्थ नहीं है – पृष्ठ – 25

ï     सीता और लक्ष्मण के सम्बन्धों पर कामूकता आरोपित की गई है – पृष्ठ – 14

ï     लक्ष्मी बाई अंग्रेजो के प्रति निष्ठावान थी- पृष्ठ – 546

ï     स्वामी विवेकानन्द ने लोगों से गौ-मांस भक्षण का सुझाव दिया – पृष्ठ – 639

शिक्षा बचाओ आन्दोलन के द्वारा इसके विरूध्द भारत में तथा प्रथम बार अमेरिका (विदेश) में आन्दोलन शुरू किया गया है।

ï     अमेरिका में एक समिति गठित की गई है।

ï     ऑन लाईन पेटिशन में हस्ताक्षर अभियान 10 हजार से ज्यादा हस्ताक्षर किए गए है।

ï     अमेरिका में प्रदर्शन करके ज्ञापन दिया है।

ï     भारत मे प्रकाशक पेंगुइन बुक सेलर को कानूनी नोटिस दिया है।

ï     इनके छ: केन्द्रों को पुस्तक पर प्रतिबन्ध हेतु ज्ञापन दिया है।

ï     पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है।

ï     अमेरिका के राष्ट्रपति एवं राजदूत को पत्र लिखे है।

इसके परिणामस्वरूप अमेरिका में वेण्डी डोनिगर को इसी पुस्तक हेतु दिये जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार पर रोक लगी है।

ï     देश के सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह भारतीय वेश में सम्पन्न किए जाए।

भोपाल स्थित वन प्रबन्धन संस्थान के दीक्षांत समारोह में केन्द्रिय मंत्री जयराम रमेश ने गाऊन एवं टोपी को उताकर उनको ब्रिटिश बर्बरता की निशानी बताकर कहा कि 60 वर्षो के बाद भी हम लोग इसको क्यों ओढ़ रहे है। शिक्षा बचाओ आन्दोलन समिति श्री जयराम रमेश जी का अभिनन्दन करता है एवं मांग करता है कि देश के सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय वेश में ही दीक्षांत समारोह आयोजित किये जाए। इस विषय पर आगामी दिनों में देश भर में सकारात्मक आन्दोलन चलाया जायेगा।

यौन शिक्षा के विकल्प में नया पाठयक्रम

शिक्षा बचाओ आन्दोलन के द्वारा वर्ष 2007 में यौन शिक्षा के विरूध्द  देशव्यापी आन्दोलन करके उस पर रोक लगाने हेतु केन्द्र सरकार को मजबूर किया था। केन्द्र सरकार ने यौन शिक्षा के तत्कालीन पाठयक्रम पर रोक लगाते हुए इसकी समीक्षा एवं वैकल्पिक नये पाठयक्रम हेतु समिति का गठन किया था।

राज्यसभा की पेटिशन कमेटी ने यौन शिक्षा के बदले ‘‘चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के विकास” के पाठयक्रम का सुझाव रखा था।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने नये पाठयक्रम बनाने की पहल करते हुए ”चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के विकास” की शिक्षा हेतु ”विद्यालय गतिविधियों का आलय” नाम से नया पाठयक्रम देश के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस के क्रियान्वयन हेतु दिनांक 16,17, 18 अप्रैल 2010 को दिल्ली में प्रधानाचार्यो की राष्ट्रीय स्तर की एक कार्यशाला सम्पन्न की गई।

आगामी दिनों में देशभर में इस विषय पर संगोष्ठी एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के द्वारा छ: विषयों पर वैकल्पिक कार्य शुरू किया है।

1. मूल्य शिक्षा     2. वैदिक गणित   3. पर्यावरण की शिक्षा

4. मातृभाषा में शिक्षा   5. शिक्षा स्वायत्ता हो  6.चरित्रनिमार्ण तथा व्यक्तित्व के समग्र विकास

उपरोक्त विषयों के जनजागरण हेतु देशभर में संगोष्ठी, परिसंवाद का आयोजन एवं साहित्य के प्रकाशन की योजना इसी बैठक में बनायी जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *