भारतीय शिक्षा
मनुष्य में जो संपूर्णता सुप्त रूप से विद्यमान है उसे प्रत्यक्ष करना ही शिक्षा का कार्य है। स्वामी विवेकानन्द                      There are no misfit Children, there are misfit schools, misfit test and studies and misfit examination. F.Burk                     शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आंतरिक शक्तियों को विकसित एवं अनुशासित करने का है। डॉ. राधा कृष्णन                      ज्ञान प्राप्ति का एक ही मार्ग है जिसका नाम है, एकाग्रता और शिक्षा का सार है मन को एकाग्र करना। श्री माँ

राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं शिक्षा, वैश्विक सन्दर्भ

राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं शिक्षा, वैश्विक सन्दर्भ श्री अतुल कोठारी (सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास) सरस्वती बाल मन्दिर, जी ब्लाक नारायणा विहार नई दिल्ली-110028 सम्पर्क सूत्र :-9212385844, 9868100445 ईमेल :- atulabvp@rediffmail.com राष्ट्र अर्थात क्या ? ï  ऋग्वेद में लिखा है ”माता…

वैदिक गणित

आख्या अखिल भारतीय बैठक- वैदिक गणित जलगाँव (महाराष्ट्र) वैशाख कृष्ण पक्ष एकादशी एवं द्वादशी 2067 तदनुसार अप्रैल 10 एवं 11, 2010 जलगाँव (महाराष्ट्र) में वैदिक गणित की अखिल भारतीय बैठक प्राध्यापक डा. सुनील कुलकर्णी के आवास में वैशाख कृष्ण पक्ष…

अब कालेजों के लिए मान्यता लेना होगा कठिन

अब कालेजों के लिए मान्यता लेना होगा कठिन May 18, 06:55 pm नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी] के नए नियमों के अनुसार किसी महानगर में विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त करने के लिए कॉलेज के पास कम से कम दो…

उच्च शिक्षा की दशा एवं दिशा

उच्च शिक्षा की दशा एवं दिशा श्री अतुल कोठारी सम्पर्क सूत्र :-9212385844, 9868100445 ईमेल :- atulabvp@rediffmail.com स्वतंत्र भारत में उच्च शिक्षा का विस्तार व्यापक स्तर पर हुआ है लेकिन क्या यह हमारे देश की उच्च शिक्षा, छात्रों को जीवन दृष्टि…

प्रेस वक्तव्य

सरस्वती बाल मन्दिर, जी ब्लाक, नारायणा विहार, नई दिल्ली-110028 011-25898023, 65794966, 9811126445,868100445 website: www.shikshabachaoandolan.org, bharatiyashikasha.com Email:dina_nathbatra@hotmail.com, atulabvp@gmail.com पत्रांक :-1  /2010 दिनांक :- 5.5.2010 प्रेस वक्तव्य सम्बोधनकर्ता : अतुल कोठारी (राष्ट्रीय, सहसंयोजक, शिक्षा बचाओ आन्दोलन सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास) दिनांक…

18 वीं सदी में दुनिया में सबसे ज्यादा शिक्षा संस्थाएँ भारत में थी

भारत-गौरव |  शनिवार , 01 मई 2010 संविधान संशोधन के बावजूद छोटे बच्चों की निशुल्क शिक्षा व्यवस्था 21वीं सदी में दिवास्वप्न है। लेकिन पूर्वकाल में शिक्षा देना एक पवित्र कर्त्तव्य था। आचार्य इसीलिए ‘देवो भव’ – देवतुल्य थे। गुरुदक्षिणा शिक्षा…

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